अपनों की भलाई चाहते हैं तो न बैठें उनके सिरहाने

Sat, Oct 20, 2018 4:57 PM

आप जब किसी भी व्यक्ति के पास बैठते हैं तो उसके सिरहाने बैठने की बजाय आपको पैरों की तरफ बैठना चाहिए। हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि जब किसी की मौत हो जाती है तो वैसे में लोग उसके सिरहाने बैठते हैं। यदि आप किसी व्यक्ति के सिरहाने लगातार बैठ रहे हैं, तो उसकी मौत नजदीक आ जाती है। 

इस संबंध में रामायण में भी एक कथा का जिक्र किया गया है। जब रावण मृत्युशैया पर पड़ा हुआ था तो भगवान राम ने लक्ष्मण को रावण के पास ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेजा था। उस वक्त लक्ष्मण रावण के सिरहाने जाकर बैठ गए थे। 

इस पर रावण ने लक्ष्मण से कहा कि हे लक्ष्मण आप मेरे सिरहाने ना बैठ कर मेरे पैरों के सामने बैठ जाइए। आप मेरे से ज्ञान प्राप्त करने के लिए आए हैं और कोई आपको यदि ज्ञान दे रहा है तो उस समय के लिए वह आपका गुरु है और उसके साथ आपको गुरु के समान ही बर्ताव करना चाहिए।