हिंदी को झटका, अनिवार्यता को सरकार ने यूं नकारा

Fri, Jan 11, 2019 5:24 PM

पिछले कुछ समय से यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि नई शिक्षा नीति, जिसे कस्तूरीरंगन कमेटी ने तैयार की है, उसके मुताबिक अब देश के सभी राज्यों में आठवीं कक्षा तक हिंदी अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाई जायेगी। इस चर्चा अब विराम लगने की उम्मीद है, क्योंकि केंद्र सरकार ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव से इंकार कर दिया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने ऐसे सभी खबरों को केवल भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया गया करार दिया है।

बता दें कि तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, असम, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश ऐसे राज्य हैं, जहां हिंदी अनिवार्य रूप में नहीं पढ़ाई जा रही है। नई शिक्षा नीति में स्थानीय भाषाओं को पांचवीं तक स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही गई है। जहां तक हिंदी को अनिवार्य बनाने की बात है, तो जावेडकर ने साफ कर दिया है कि नई शिक्षा नीति के किसी मसौदे रिपोर्ट में इस तरह की कोई भी सिफारिश नहीं की गई है।