बड़े से बड़ा रोग घुटने टेक देता है इस मंत्र के आगे

Mon, Jan 7, 2019 5:52 PM

भगवान शंकर के महामृत्युंजय मंत्र को बेहद प्रभावशाली माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि बड़ी से बड़ी बीमारियां जिसका इलाज डॉक्टर भी नहीं कर पाते हैं, वे बीमारियां महामृत्युंजय मंत्र के जाप के सामने घुटने टेक देती हैं। धार्मिक मान्यता है कि बीमार व्यक्ति के लिए यदि किसी तांत्रिक द्वारा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करवाया जाए और हवन करवाया जाए तो इससे रोगी के स्वास्थ्य में सुधार होना शुरू हो जाता है। इसके लिए तांत्रिक को 3000 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना पड़ता है और 108 बार हवन भी करना होता है। महामृत्युंजय मंत्र इस प्रकार है: 

।। ॐ ह्रौं जूं सः । ॐ भूर्भुवः स्वः । ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌ । उर्वारुकमिव बन्धनांन्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌ । स्वः भुवः भूः ॐ । सः जूं ह्रौं ॐ ।

वैसे, महामृत्युंजय मंत्र के जाप के वक्त कुछ सावधानी रखनी भी बेहद जरूरी है। तभी इसका लाभ मिल सकता है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते वक्त तांत्रिक का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इसका जाप करते समय किसी भी तरह की उबासी नहीं आनी चाहिए।

साथ ही जितनी बार इसका उच्चारण करने का संकल्प लिया है, उतनी बार इसे तय समय में पूरा करना भी बेहद जरूरी है। इसका उच्चारण इतनी धीमी आवाज में होना चाहिए कि आसपास बैठे लोगों को यह सुनाई ना दे। साथ ही यह ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है कि जब तक महामृत्युंजय मंत्र का जाप चल रहा है, तब तक धूप जलती रहनी चाहिए।