राम का नाम जिस ने भी जपा उसका उद्धार हो गया- सीएम योगी

Fri, Jan 11, 2019 2:54 PM

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराष्ट्र की परंपरा भक्ति की भी है और शक्ति की भी है। जब कभी भी देश संक्रमण काल से गुजरा है महाराष्ट्र से इसे एक नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं काशी के सांसद नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम का नाम जिस ने जिस भी रूप में जपा उसका उद्धार हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को वाराणसी में आयोजित कविश्रेष्ठ स्व माद्गुलकर एवं गायक स्वर्गीय सुधीर फड़के की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित गीत रामायण के दो दिवसीय  कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने  कहा कि उत्तर प्रदेश में 68 वर्षों तक प्रदेश का स्थापना दिवस नहीं मनाया गया था। परंतु राज्यपाल की प्रेरणा से 2018 में उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस प्रदेश सरकार ने बनाया।

उन्होंने कहा कि रामचरितमानस की रचना काशी में हुई। तुलसीदास इसे संस्कृत में लिखना चाहते थे। लेकिन हनुमान जी की प्रेरणा से उन्होंने इसे लोक भाषा अवधी में लिखने का कार्य किया। राम की गाथा को देश-दुनिया में पहुंचाने का श्रेय महर्षि बाल्मीकि को जाता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति कदाचार और नैतिक मूल्यों से बधा रहे तो अराजकता एवं व्यवस्था पैदा हो ही नहीं सकता। गीत रामायण ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। महर्षि वाल्मीकि ने वैदिक परंपरा को लौकिक रूप दिया। लोक भाषा का सशक्त माध्यम रामायण है।


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बदली हुई काशी का गुणगान करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके लिए उन्होंने बधाई दी तथा कहा कि मैं गत 5 वर्षों बाद काशी आया हूं और बदली हुई काशी को देख कर अभिभूत हूं। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि कुछ वर्षों के अंतराल पर काशी आने वाले यहां के विकास की धारा को देखकर चकित होंगे। उन्होंने कहा कि जैसे बहुत पहले लोग एक बार काशी आने की इच्छा जताते थे। वह दिन दूर नहीं जब लोग पुनः काशी आने की इच्छा जताएंगे। उन्होंने कहा कि गीत रामायण यह ऐसी धरोहर है कि इसमें रामायण की सारी रचना गीत के रूप में मिलती है। उन्होंने बताया कि 5 दशकों से ज्यादा समय से मराठी मन पर गीत रामायण ने राज किया है।


प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने स्व कवि माद्गुलकर को आधुनिक बाल्मीकि बताते हुए कहा कि यह संजोग है कि जिस धरती पर रामायण की रचना की गई, उसी काशी में इन महान विभूतियों की जन्मशती मनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि स्व माद्गुलकर गीत रामायण को लिखते थे और गायक स्वर्गीय सुधीर फड़के इसको गाते रहे। उन्होंने महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश के संबंध  को बताते हुए कहा कि श्री राम वनवास के दौरान ज्यादातर समय महाराष्ट्र के नासिक में स्थित त्रयम्बकेश्वर में व्यतीत किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में स्थापना दिवस गत 68 वर्षों से नहीं मनाया जा रहा था लेकिन उनकी प्रेरणा से 2018 में प्रदेश सरकार ने प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया और 24 जनवरी को पुणे उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।