वाराणसी में फूंकी बजट की प्रतियां, लोगों का कहना है कि मजदूर-किसानों व आम लोगों से किया गया छलावा

वाराणसी: मनरेगा मजदूर यूनियन ने बैठक कर आराजी लाइन विकासखंड मुख्यालय पर बजट की प्रतियां फूंकी यूनियन के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को यूनियन कार्यालय पर एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट किसान, मजदूर विरोधी है। केंद्र सरकार ने बजट में केवल खोखली घोषाणाएं की।

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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सी-टू प्लस आधार पर किसानों के लागत डेढ़ गुणा मूल्य व कर्ज माफी पर बजट खामोश है। बटाईदार-छोटे व सीमांत किसानों को वार्षिक अनुदान से भी वंचित रखा गया। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी वृद्धि पर बजट में कुछ भी नहीं। शिक्षा-स्वास्थ्य-ग्रामीण विकास योजनाओं की राशि में भारी कटौती मध्य वर्ग के लिए कर में छूट लेकिन उनके बेरोजगार बच्चों के लिए रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं। बजट में उपेक्षा हुई है। ठेका-मानेदय पर बहाली खत्म कर सम्मानजनक रोजगार के सवाल पर भी बजट चुप है।

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इस अवसर पर आराजी लाइन ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ महेंद्र सिंह पटेल  ने कहा कि किसान स्वामी नाथन आयोग के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, लागत के दाम घटाने, सभी किसानों और कृषि मजदूरों के निजी कर्जो समेत सभी कर्जो की माफी की मांग कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है और दिया जाएगा लेकिन इसके लिए न तो एमएसपी बढ़ाया और न ही फंड आवंटित किया है। बजट असल में कह रहा है कि जो दिया जा रहा वही डेढ़ गुना है और एक पैसा भी ज्यादा नहीं दिया जाएगा। चेतावनी दी कि सरकार ने किसानों के हित में स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू न किया तो आंदोलन किया जाएगा।

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सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने इस बजट को झूठ का पिटारा और जुमला करार दिया। वित्त मंत्री ने नोटबंदी के फायदे तो गिना दिए, लेकिन यह नहीं बताया कि नोटबंदी से कितने कारखाने बंद पड़ गए और कितने लोग बेरोजगार हो गए। बजट में जुमले के अलावा कुछ नहीं है।

मनरेगा मजदूर यूनियन संयोजक सुरेश राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान और कमजोर तबके के लिए कोई खास निर्णय नहीं लिया है। यह चुनाव का बजट है। इसका लाभ आम आदमी को नहीं मिलेगा। यह बड़े घरानों के लिए काम करने वाली सरकार है, उन्ही के हितों को ध्यान रखते हुए फैसले लेती है।      

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पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष योगी राज सिंह पटेल ने सवालिया लहजे में कहा है कि किसानों को छह हजार रुपये की वित्तीय सहायता क्या उन्हें गरिमा और सम्मान के साथ जीने में सक्षम बना पाएगी। अंत में प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन बीडीओ दिवाकर सिंह को दिया गया जिसमें  सकल घरेलू आय के अनुसार प्रति व्यक्ति ₹8000 वोटरशिप दिया जाए सभी वंचितों को आयुष्मान योजना के तहत जोड़ा जाय।  मनरेगा मजदूरी ₹600 प्रतिदिन किया जाए, जैसी तमाम मांगें शामिल थी। 

इस अवसर पर आराजी लाइन ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ महेंद्र सिंह पटेल, सामाजिक कार्यकर्ता राज कुमार गुप्ता, सुरेश राठौर, योगीराज सिंह पटेल, महेंद्र राठौर, मो. अनवर, क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय, संतदास गुड्डू, गणेश शर्मा, अजित पटेल संजीव सिंह समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।