भूतों के इस मेले में अब तक गये या नहीं आप?

Sat, Feb 9, 2019 6:38 PM

इंसानों के मेले में तो आप खूब गए होंगे, लेकिन क्या आप भूत-प्रेत के मेले में गए हैं? बैतूल से लगभग 42 किलोमीटर दूर मलाजपुर गांव स्थित है, जहां हर साल मकर संक्रांति के दिन से भूत-प्रेतों का मेला शुरू होता है, जो कि बसंत पंचमी तक यानी पूरे एक माह तक चलता है। एक बार मेला खत्म होने के साथ ही लोग अगले मेले का इंतजार करना शुरू कर देते हैं। 

यहां मलाजपुर बाबा का समाधि स्थल स्थित है। इसे गुरु साहब बाबा के मंदिर के नाम से भी जानते हैं। बताया जाता है कि जिस व्यक्ति पर भी भूत-प्रेत का साया होने का अंदेशा रहता है, उसके यहां पहुंचने पर बाबा के समाधि स्थल के सामने उसके शरीर में एक गजब की शक्ति आ जाती है। वह खुद से अपना परिचय देना शुरू कर देता है।

साथ ही बाबा की समाधि स्थल की परिक्रमा करने से पहले वह व्यक्ति बार-बार सिर पटक कर और पेट के बल लेटकर मिन्नतें मांगता है। बताया जाता है कि बाबा की समाधि स्थल की परिक्रमा करने के बाद भूत-प्रेत का जो शरीर में वास होता है, वह उस शरीर को छोड़कर यहां पेड़ों की डालियों पर उल्टा लटक जाता है।

यहां आस-पास जो पेड़ स्थित हैं, उनकी झुकी हुई डालियों के बारे में माना जाता है कि इन पर भूत-प्रेत लटके होते हैं। यहां पीड़ित व्यक्ति को बंधारा नदी में पहले स्नान करवाया जाता है। दूर-दूर से लोग भूत-प्रेतों के मेले में पहुंचते हैं।