भाग्य को कोसते हैं तो इसे पढ़ लें

Tue, Mar 12, 2019 7:23 PM

बहुत से लोग दुख के लिए अपने भाग्य को कोसते रहते हैं। ऐसे में भगवान शिव ने माता पार्वती को एक बार यह बताया था कि ऐसा क्यों होता है? जब माता पार्वती ने भोलेनाथ से यह सवाल पूछा कि जो दुखी हैं, उन्हें ज्यादा दुख मिलता है, जबकि जो सुख भोग रहे हैं, उन्हें कोई दुख नहीं मिलता।

इस सवाल का जवाब देने के लिए भगवान शिव माता पार्वती को धरती पर लेकर आ गए। यहां उन्होंने पति-पत्नी का रूप धारण करके रहना शुरू कर दिया। जब रसोई तैयार करने की बारी आई तो मां पार्वती एक जर्जर मकान से चूल्हा बनाने के लिए कुछ ईंटें लेकर आ गईं। भगवान शिव खाली हाथ लौटे तो मां पार्वती ने पूछा कि अब खाना कैसे बनेगा? 

भगवान शिव ने उनसे कहा कि तुम जहां से ईंटें लेकर आई हो, वहां मुझे लेकर चलो। वहां पहुंचने पर भगवान शिव ने मां पार्वती से कहा कि आपने तो जर्जर मकानों से ईंटें निकाल कर इन्हें और खराब कर दिया। आप किसी सुंदर और मजबूत मकान से भी ईंटें निकाल कर ला सकती थीं। इस पर माता पार्वती ने कहा कि इन मकानों का रखरखाव ठीक से नहीं हुआ था। इसलिए मैंने इनसे ईंटों को निकाल लिया। सुंदर मकानों के ईंटों को निकालती तो ये बदसूरत हो जाते। 

इस पर भगवान शिव ने उन्हें कहा कि यही तो आपके प्रश्न का उत्तर है। जिन लोगों ने अपने अच्छे कर्म से अपने जीवन को सुंदर बना रखा है और सुख भोग रहे हैं, उन्हें भला दुख क्यों दें? और जो अपने दुख के लिए हमेशा अपने भाग्य को कोसते रहते हैं तो उन्हें तो दुख मिलेगा ही।