चुनाव की तारीखों पर मुस्लिमों को क्यों है आपत्ति?

Tue, Mar 12, 2019 3:23 PM

चुनाव आयोग ने भले ही चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी हो, लेकिन इसे लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब मुस्लिम नेताओं और मौलानाओं ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर चुनाव रमजान के महीने में क्यों कराई जा रहे हैं? तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा है कि इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के लोगों को काफी परेशानी होने वाली है।

उन्होंने यह भी कहा है कि हम चुनाव आयोग का सम्मान करते हैं, क्योंकि यह एक संवैधानिक निकाय है, लेकिन आयोग को इस बात का ध्यान रखना चाहिए था कि रमजान के महीने में चुनाव की तारीख नहीं रखते। वहीं दूसरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जिन्हें इन तारीखों पर आपत्ति है, वे चुनाव आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वोट देने के लिए 8 घंटे का वक्त दिया गया है। ऐसे में किसी भी वक्त जाकर वोट डाला जा सकता है। कुछ लोगों को अब से ही हार का डर सताने लगा है। इसलिए लोग इस तरह के बहाने बनाने लगे हैं।

बता दें कि लखनऊ ईदगाह के इमाम और शहरकाजी मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी चुनाव आयोग की तारीखों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि रमजान के महीने में तारीख रखने से मुसलमानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।