किसी को नहीं मिला बहुमत, तो बढ़ेगा इनका भाव

Mon, Apr 15, 2019 1:56 PM

इस लोकसभा चुनाव में यदि किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिल पाता है, तो ऐसे में त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति बन जायेगी। इस परिस्थिति में सरकार कैसे बनेगी, किंगमेकर आखिर कौन बनेगा और किन दलों का भाव बढ़ जायेगा, ये बेहद महत्वपूर्ण सवाल हैं। जाहिर सी बात है कि त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति में सभी की नजरें यूपी के सपा-बसपा गठबंधन, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, जगमोहन रेड्डी वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू, टीआरएस के चंद्रशेखर राव और ओडिशा के नवीन पटनायक पर टिकेंगी।

जहां तक ममता बनर्जी की बात है, वह एनडीए के साथ कांग्रेस पर भी जोरदार हमला करती हुई दिख रही हैं। उसी तरीके से जगमोहन रेड्डी की बात की जाए, तो उन्होंने पहले ही कह दिया है कि वे त्रिशंकु लोकसभा ही चाहते हैं, क्योंकि इससे वे इस पोजीशन में होंगे कि अपने राज्य के लिए अच्छी तरह से समझौता कर लें। सपा-बसपा गठबंधन ने भी एनडीए और कांग्रेस से दूरी बनाकर रखी है। हालांकि उसका झुकाव कुछ हद तक कांग्रेस की ओर कभी-कभी दिख जाता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कई राज्यों में विपक्ष के अधिक एकजुट होने की स्थिति में भाजपा को नुकसान पहुंच सकता है। यदि ऐसी परिस्थिति बनती है, तो संभव है कि इस बार एनडीए को सत्ता में आने में दिक्कत हो। इस स्थिति में निश्चित तौर पर इन क्षेत्रीय दलों का महत्व बढ़ जायेगा। किंगमेकर की भूमिका में तब यही लोग होंगे।