बीजेपी में शामिल होने के बाद बोले नीरज शेखर, कहा- ‘मैं आपको अलग से बताऊंगा कि मैंने यह फैसला क्यों लिया’

Thu, Jul 18, 2019 6:03 PM

बलिया 

पिछले दो दिन से हर तरफ यही चर्चा हो रही है कि आखिर समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज शेखर ने अपना इस्तीफा क्यों दिया और इसके पीछे कारण क्या हो सकते हैं? कुछ लोगों ने यहाँ तक कहा दिया कि  यह कैसे संभव हो सकता है, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सांसद बेटे के आगे ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्होंने एक धुरी की राजनीति करते हुए एकदम से दूसरी धुरी की राजनीति का दामन थाम लिया। 

नीरज शेखर भी इस सवाल से खुद बचते हुए नज़र आए। नीरज शेखर ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थामना कईयों के लिए यह फैसला चौंकाने वाला था। खासकर उन लोगों के लिए जो उनके पिता स्वर्गीय चंद्रशेखर जी की राजनीति के प्रशंसक रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों ने नीरज शेखर को यह कहते हुए भी सुना कि, 'मैं आपको अलग से बताऊंगा कि मैंने यह फैसला क्यों लिया।'

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लगता है कि नीरज शेखर ने उनके साथ धोखा किया। अखिलेश यादव को लगता है कि यदि नीरज शेखर ने सपा उम्मीदवार की मदद की होती तो सनातन पांडे जीत सकते थे। वहीं नीरज का मानना था कि उन्हें टिकट क्यों नहीं दिया गया, इस पर समाजवादी नेताओं का कहना है कि 2014 में लोकसभा चुनाव हार जाने के बाद पार्टी उन्हें राज्यसभा में लेकर आई थी जिसका कार्यकाल 2020 तक बचा हुआ है। 

 बीजेपी अपने सहयोगी दलों के साथ राज्यसभा में 116 तक पहुंच गई है और बहुमत के लिए उसको पांच सांसद और चाहिए. वैसे बीजू जनता दल के सात, जगन रेड्डी की पार्टी के दो और टीआरएस के छह सांसदों को मिलाकर 15 सांसदों का एक गुट है जो सरकार को कई मुद्दों पर बचाता रहा है, मगर बीजेपी अपने बूते पर बहुमत के करीब जाना चाहती है. और अब वह सांसदों का राज्यसभा से इस्तीफा कराकर राज्यसभा की पूरी संख्या ही कम करना चाहती है जिससे बहुमत का आंकड़ा भी कम हो जाए. इसी के तहत नीरज शेखर का इस्तीफा हुआ है।