Ghazipur : कलेक्‍ट्रेट बार एसोसिएशन निर्वाचन के लिए हुआ नामांकन

गाजीपुर। कलेक्‍ट्रेट बार एसोसिएशन सामान्‍य निर्वाचन 2021 के लिए मंगलवार को अध्‍यक्ष पद पर काशीनाथ राय, शंकर सिंह यादव ने पर्चा दाखिल किया। वरिष्‍ठ...
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    जब ग़ाज़ीपुर आकर पवहारी बाबा से मिले थे स्वामी विवेकानंद, अद्भुत है ये किस्सा

    आज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती है. हम आज आपको बताएंगे कि स्वामी विवेकानंद का गाजीपुर से क्या रिश्ता था. स्वामी विवेकानंद यदि बाबा पवहारी से मिल जाते तो कैसे वो रामकृष्ण परमहंस से दूर हो जाते तो आइए जानते हैं.

    क्या है पूरी बात

    Pawhari Baba of Ghazipur district who was also influenced by Swami  Vivekananda visited before going to America Jagran Special

    पूरा मामला ये है कि जब स्वामी विवेकानंद भारत भ्रमण के दौरान काशी से होते हुए 22 जनवरी 1890 को गाजीपुर पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात बाबा पवहारी से हुई. विवेकानंद उनकी वाणी और चरित्र से बहुत प्रभावित हुए और उन्हें स्वामी रामकृष्ण परमहंस की तरह अवतारी मानने लगे.
    बाबा पवहारी की चर्चा स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु भाई बलराम बोस से की थी. चार फरवरी 1890 को लिखी एक चिट्ठी में स्वामी विवेकानंद लिखते हैं कि बाबा पवहारी रामकृष्ण परमहंस से मिल चुके हैं और उनकी एक तस्वीर भी है इनके पास.

    जब रामकृष्ण परमहंस और बाबा पवहारी को लेकर भ्रम में फंस गए विवेकानंद

    भारत को धर्म नहीं रोटी चाहिए... विवेकानंद के भाषण से आज भी देश को सीख लेने  की जरूरत - swami-vivekananda-s-chicago-speech

    बाबा पवहारी और स्वामी विवेकानंद आपस में चर्चा करते थे. विवेकानंद बाबा पवहारी के ज्ञान, श्रद्धा और अध्यात्म से इतने प्रभावित हुए कि एक बार को तो उन्हें अपना गुरु बनाने को तैयार हो गए. उन्हें लगा कि परमहंस ने शिक्षा तो दी लेकिन अध्यात्मिक शांति नहीं मिली. जब वो पवहारी बाबा को अपना गुरु बनाने की सोचे तो परमहंस और पवहारी बाबा को लेकर उनके मन में द्वंद चलने लगा और वहाँ से चले गए.

    सिस्टम निवेदिता को बतिया था पवहारी बाबा के बारे में

    This day that year: Full text of Swami Vivekananda's speech at Chicago -  Oneindia News

    स्वामी विवेकानंद पवहारी बाबा से इतने प्रभावित थे कि वो उनसे परमहंस से ज्यादा प्रभावी मानने लगे थे. इसका जिक्र उन्होंने किया जिसमें वो सिस्टम निवेदिता को लिखते हुए कहते हैं कि बाबा पवहारी यदि पहले मिल गए होते तो शायद मैं रामकृष्ण परमहंस की गुरू दीक्षा से दूर हो जाता।

    जिला गाजीपुर, उत्तर प्रदेश सरकार | सैनिकों की भूमि | भारत

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