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5 अंतररार्ष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला पहला राज्य बनेगा उत्तर प्रदेश, जानिए किन शहरों में होंगे स्थित

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बीते 26 तारीख को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अपना पूर्ण बजट विधानसभा में पेश किया जिसमें इन्फ्रा से जुड़ी कई तरह की योजनाओं की घोषणा की गई। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को जानकारी दी कि “प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तीव्र गति से सुधार हो रहा है, हमें विश्वास है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में हमें कामयाबी हासिल होगी।

Uttar Pradesh on the path of development will soon be the first state in  the country to have 5 international airports | विकास की राह पर उत्तर प्रदेश,  जल्द बनेगा 5 इंटरनेशनल

हमने इन्वेस्टर्स समिट -2018 का आयोजन किया था जिसमें मिले 4.68 लाख करोड़ रूपये तक के निवेश के प्रस्तावों में से लगभग 3 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों का कार्यान्वयन अलग-अलग चरणों में है। इस निवेश के जरिए 5 लाख से भी अधिक रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं, अब आने वाली 3 तारीख को इन्वेस्टर्स समिट की तीसरी ग्राऊण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में 75 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर काम होगा।

उत्तर प्रदेश पहले ही 5 एक्सप्रेस-वे वाला देश का पहला प्रदेश बन गया है और अब लखनऊ व वाराणसी में वर्तमान अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डो तथा कुशीनगर में बने नए अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा जेवर में नोएडा ग्रीन फील्ड अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा तथा अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर उत्तर प्रदेश 5 अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का पहला प्रदेश भी बन जाएगा। कोरोना कालखण्ड में औद्योगिक निवेश की गति को बनाये रखने के लिए विशेष हेल्प डेस्क शुरू किया गया था, राज्य सरकार एक्सप्रेस-वे, जलमार्ग, हवाई अड्डों तथा अन्य मल्टी मॉडल परियोजनाओं के माध्यम से बिना बाँधा के विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास को सुनिश्चित करते हुए त्वरित स्थापना कर विकास को बढ़ावा दे रही है।

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अलग अलग औद्योगिक परियोजनाओं जैसे- मेडिकल डिवाइस पार्क, बल्क ड्रग पार्क, धनवन्तरि हेल्थ पार्क, अमृतसर- कोलकता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, आई.आई.टी. जी.एन.एल. ग्रेटर नोएडा, फिल्म सिटी की स्थापना, मेगा फूड पार्क, ट्रांस गंगा सिटी प्लास्टिक सिटी, गारमेन्ट पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, अप्रैरेल पार्क, टॉय पार्क, हस्तशिल्प पार्क, फ्लैटेड फैक्टरियां आदि के संदर्भ में तेज गति से काम किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जनपदों के उत्पादों एवं पारम्परिक शिल्पों के समग्र विकास के लिए संचालित ‘एक जनपद- एक उत्पाद’ का अच्छे तरीके से क्रियान्वयन होने की वजह से प्रदेश से होने वाला निर्यात 88 हजार करोड़ रूपये से बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रूपये तक पहुंच गया है।

यह खुशी की बात है कि उत्तर प्रदेश एक अग्रणी निवेश डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है, इस दिशा में राज्य सरकार की कोशिश के चलते प्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में अविश्वसनीय प्रगति करते हुए देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। पुलिस के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 800 करोड़ रूपये, नए बनें जनपदों में पुलिस के आवासीय/ अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 300 करोड़ रूपये व पुलिस लाईन के निर्माण के लिये भूमि अधिग्रहण पर कुल 65 करोड़ 70 लाख रूपये की राशि खर्च की जाएगी।

हमें पता हैं कि साल 2019 में माननीय प्रधानमंत्री जी ने में भारत देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का लक्ष्य घोषित किया था चूँकि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक मानव संपदा वाला प्रदेश है इसलिए देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान होगा, इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर हमारी सरकार काम कर रही है”।

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